दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की जमानत मामले में स्पेशल मजिस्ट्रेट को धमकी देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, धमकी देने वालों की पहचान अभी नहीं हुई है।

रविवार को दोनों की जमानत पर फैसला होना था, लेकिन इसे टाल दिया गया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जमानत की सुनवाई के लिए CJP करीब 5 घंटे इंतजार करती रही, लेकिन कार्यवाही महज 10 मिनट में खत्म हो गई।

मजिस्ट्रेट ने आरोप लगाया कि उन्हें CJP नेताओं को रिहा करने के लिए धमकियां मिल रही हैं। आशुतोष और सौरव 14 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं। 18 अक्टूबर को उनकी 5 दिनों की न्यायिक हिरासत खत्म होने वाली थी।

CJP ने जमानत प्रक्रिया में देरी का आरोप लगाया

  • CJP पुलिस और प्रशासन पर नेताओं की रिहाई में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है। CJP ने कहा कि वह नेताओं की रिहाई के लिए कानूनी कार्रवाई करेगी।

  • पार्टी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि जमानत की सुनवाई में घंटों देरी हुई और चार जमानतदारों को अस्पष्ट कारणों से खारिज कर दिया गया।

  • उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट ने बाद में धमकी मिलने की जानकारी दी, जिसके बाद वकीलों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

CJP नेताओं की गिरफ्तारी की टाइमलाइन

10 अक्टूबर: जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दीपके-रांका-दास हिरासत में

कॉकरोच जनता पार्टी SIR के विरोध और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। पार्टी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था।

उस दिन सुबह CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव व आशुतोष को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था।

तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया।


13 अक्टूबर: दास और रांका जंतर-मंतर पहुंचे

जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाने के एक दिन बाद आशुतोष और सौरव वहां तिरंगा लेकर पहुंचे थे। उनके साथ कुछ प्रदर्शनकारी भी थे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया था।

16-17 अक्टूबर: दीपके को हिरासत के 24 घंटे में जमानत

आशुतोष और सौरव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में CJP ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में लहरा दो तिरंगा रैली बुलाई थी।

दीपके को रैली से पहले हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद उन्हें 50 हजार रुपए के बेड बॉन्ड पर 17 अक्टूबर को जमानत मिली थी।


CJP के तिरंगा मार्च पर दिल्ली पुलिस की 3 FIR

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के तिरंगा मार्च को लेकर शनिवार को कम से कम 3 FIR दर्ज कीं। इनमें CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और AAP नेताओं समेत कई लोगों के नाम हैं।

FIR कनॉट प्लेस और मंडी हाउस थानों में दर्ज की गई हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर रोक के आदेश तोड़ने, सड़क के बीच मार्च करने और पुलिस का काम रोकने का आरोप लगाया है।


कॉकरोच पार्टी ने जंतर-मंतर पर 36 दिन प्रदर्शन किया था

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई तक NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन किया था। 36 दिन तक चले इस प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे।

20 जुलाई को CJP ने संसद तक का मार्च भी किया था। 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था।


कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे। CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को प्रदर्शन की अनुमति मांगने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।