वाराणसी में बुधवार को एयर शो का ग्रैंड रिहर्सल हुआ। कमांडोज नमो घाट पर हेलिकॉप्टर से क्रूज पर उतरे। फिर कुछ ही देर में रस्सी से हेलिकॉप्टर पर चढ़कर लौट गए।

राफेल और सुखोई जैसे 52 लड़ाकू विमानों की गर्जना से नमो घाट गूंज उठा। लड़ाकू विमानों ने गंगा नदी पर टच एंड गो (लो-लेवल फ्लाईपास्ट) कर लोगों को रोमांचित कर दिया। पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी से की गई। दर्शकों को 3 लेयर की जांच के बाद एंट्री दी गई।

एयर शो रिहर्सल में कुल 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें लड़ाकू विमानों के अलावा 15 परिवहन विमान, 32 हेलिकॉप्टर और विंटेज विमान सारनाथ शामिल है। ये विमान देशभर के 12 एयरपोर्ट से उड़ान भरकर पहुंचे थे।

दरअसल, काशी में एयरफोर्स के 94वें स्थापना वर्ष पर एयर शो किया जा रहा है। यह तीन दिन 22, 23 और 25 अक्टूबर को होगा। 25 अक्टूबर एयर शो में PM मोदी भी पहुंचेंगे।


एयर शो में राफेल से तेजस तक दिखेगी ताकत

एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी एलसीए तेजस जैसे लड़ाकू विमान अपनी क्षमता दिखाया। परिवहन विमानों में सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-130 और सी-295 शामिल हुए। वहीं, अपाचे, चिनूक, एलसीएच, एएलएच और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टर भी आसमान में दमखम दिखाया। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम अपने करतबों से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।


बीएई हॉक एमके.132 एक एडवांस्ड जेट ट्रेनर है। जब इसने गंगा और नमो घाट के ऊपर से उड़ान भरी तो लोगों ने खूब तालियां बजाईं।


बिहार के बक्सर से परिवार के साथ एयर शो देखने आई महिला ने कहा- हम बहुत खुश हैं। अब तक टीवी पर ही यह सब देखते थे, लेकिन आज अपनी आंखों के सामने देखने का मौका मिला है।


प्रज्ञा सिंह ने कहा कि यह नजारा देखकर मन गदगद हो गया। उन्होंने कहा- यहां बैठकर मैंने सोचा कि हम भी अपने बच्चों को तैयार करेंगे और उन्हें भारतीय सेना में जरूर भेजेंगे। जवानों का साहस देखकर हमें और भी खुशी होगी।


नमो घाट पर एयर शो के दौरान ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। भारतीय वायुसेना के विशाल सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने 9 सूर्यकिरण हॉक विमानों का नेतृत्व करते हुए मुख्य मंच के ऊपर से शानदार फ्लाईपास्ट किया। गंगा के ऊपर आसमान में विमानों की इस भव्य उड़ान को देखने के लिए घाटों पर मौजूद लोग उत्साहित नजर आए।


वाराणसी के नमो घाट पर गंगा के ऊपर एयर शो के दौरान स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस ने अपने शानदार प्रदर्शन से लोगों का ध्यान खींचा। ‘अस्सी’ कॉलसाइन के साथ विमान ने कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए आसमान में अपनी ताकत और कलाबाजी का प्रदर्शन किया। गंगा के दोनों किनारों पर मौजूद लोगों ने विमान की गर्जना सुनते ही मोबाइल निकालकर इस रोमांचक नजारे को कैमरों में कैद किया। तेजस का प्रदर्शन भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की क्षमता और लड़ाकू विमानन में बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना। गंगा के ऊपर इसकी उड़ान ने दर्शकों में उत्साह भर दिया।


वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित एयर शो में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने गंगा के आसमान में अद्भुत प्रदर्शन किया। प्रचंड फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए और मिग-29 सहित छह लड़ाकू विमानों ने तीर के अग्रभाग जैसे एरोहेड फॉर्मेशन में उड़ान भरी। विमानों की एक साथ सधी हुई उड़ान और आसमान में उनकी तेज गर्जना ने घाट पर मौजूद लोगों को रोमांचित कर दिया। गंगा के ऊपर इस शानदार नजारे को देखने के लिए लोग मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। पूरा घाट तालियों से गूंज उठा।


वाराणसी में भारतीय वायुसेना के 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो के तहत नमो घाट और श्री काशी विश्वनाथ धाम (ललिता घाट) के सामने गंगा नदी के ऊपर सेना के भारी-भरकम चिनूक हेलीकॉप्टर ने वॉटर टच-एंड-गो का अभ्यास और रिहर्सल किया गया है।


वाराणसी के नमो घाट पर एयर शो के दौरान भारतीय नौसेना, वायुसेना और थल सेना की संयुक्त ताकत का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। ‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन में सबसे आगे भारतीय नौसेना का दंकामोव-31 हेलीकॉप्टर उड़ान भरता नजर आया। इसके साथ भारतीय वायुसेना और थल सेना के एक-एक एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर ने विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरी। गंगा के ऊपर एक साथ उड़ते तीनों हेलीकॉप्टरों ने भारतीय सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, एकजुटता और संयुक्त अभियान की क्षमता का प्रदर्शन किया।


अपाचे हेलिकॉप्टरों ने आसमान में बनाया डायमंड

दो स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों (एलसीएच) और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों के फॉर्मेशन ने डायमंड आकार में आसमान में उड़ान भरी। इस सीन को लोग मोबाइल में कैद करते दिखे।


रुद्र- सुखोई-30 एमकेआई विमान ने आसमान में ग्रैड एंट्री की। उसने नमस्ते चिह्न से अपना प्रवेश किया और आसमान में त्रिशूल का स्वरूप बनाया। फिर वरुणा पुल की तरह बढ़ा। घाट पर मौजूद लोगों ने इस पल को अपने कैमरे में कैद किया।


स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह ने कहा- सारंग टीम ने अपनी एंट्री दे दी है। और जब बच्चे इन हेलिकॉप्टर्स को यहां उड़ता हुआ देखेंगे, तो हमें उम्मीद है कि उनको आगे जाके इंडियन एयरफ़ोर्स ज्वाइन करने की प्रेरणा मिलेगी। जो भी बच्चे, युवा हैं, आगे चलकर एविएशन में अपना करियर बनाना चाहते हैं, सोचते हैं कि हम एक मिलिट्री एयरक्रॉफ्ट फ्लाई कर सकेंगे। उनको यह पॉसिबिलिटी हम सबको देखकर लगे कि यह सपना बिल्कुल हासिल किया जा सकता है।