बाड़मेर में 80 साल की बुजुर्ग महिला की इच्छा उसके बेटे ने पूरी की। महिला की मौत के बाद परिजनों ने रविवार को बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में उनका देहदान किया। महिला ने जून 2026 में ही देहदान के लिए सहमति दे दी थी। बेटे ने कहा- मां अंतिम समय में बोलीं थी- शरीर रिसर्च के काम आए, मुझे इस दान का हिस्सा बना देना।
महिला पनी देवी (80) बाड़मेर जिले की धनाऊ तहसील के भूणिया गांव के फगलू का तला की रहने वाली थीं। उनके बेटे ने बताया कि शनिवार शाम करीब 7 बजे मां को अचानक उल्टी हुई और तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें धोरीमन्ना हॉस्पिटल लेकर गए, जहां उनकी मौत हो गई। रविवार को शव घर लाया गया। इसके बाद दोपहर करीब 3:30 बजे बाड़मेर मेडिकल कॉलेज ले जाकर देहदान किया गया।
मां ने कहा था- मेरी मृत्यु के बाद देहदान कर देना
पनी देवी के बेटे लूंभाराम ने बताया कि जून 2026 में सोशल मीडिया पर देहदान को लेकर घर में बातचीत हो रही थी। इसी दौरान उन्होंने अपनी मां से भी इस बारे में चर्चा की। मां ने देहदान की इच्छा जाहिर की तो परिवार ने भी सहमति दे दी।
लूंभाराम के अनुसार, उनकी मां ने कहा था, “बेटा, मेरा शरीर रिसर्च के काम आए, इससे बेहतर क्या होगा। रिसर्च से कई बीमारियों का इलाज मिल सकेगा। इससे जरूरतमंदों की जान बच सकती है और उन्हें फायदा मिलेगा। बेटा, मुझे इस सबसे बड़े दान का हिस्सा बना देना।”
उन्होंने बताया कि मां चाहती थीं कि मृत्यु के बाद उनका देहदान कर दिया जाए, ताकि उनकी बॉडी मेडिकल कॉलेज में रिसर्च के काम आ सके। इससे MBBS की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को भी फायदा मिलेगा।
लूंभाराम नवातला स्कूल में थर्ड ग्रेड टीचर (लेवल-2) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में भी उन्होंने कुछ लोगों को देहदान करने की घोषणा करते देखा था। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी मां से इस विषय पर बात की थी।
शाम 7 बजे बिगड़ी तबीयत, हॉस्पिटल में निधन
पनी देवी (80) पत्नी धर्माराम बाड़मेर जिले की धनाऊ तहसील के भूणिया क्षेत्र स्थित फगलू का तला की रहने वाली थीं। शनिवार शाम करीब 7 बजे वह घर पर थीं, तभी अचानक उन्हें उल्टी हुई और तबीयत बिगड़ गई।
परिजन उन्हें पास के धोरीमन्ना हॉस्पिटल लेकर गए, जहां उनका निधन हो गया। इसके बाद रविवार को पार्थिव शरीर घर लाया गया। दोपहर करीब 3:30 बजे परिजन उन्हें बाड़मेर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे और वहां देहदान की प्रक्रिया पूरी की।
पति किसान थे, छोटे बेटे के साथ रहती थीं पनी देवी
पनी देवी गृहणी थीं। उनके पति धर्माराम किसान थे, जिनका कुछ साल पहले निधन हो गया था। पनी देवी के दो बेटे हैं। बड़े बेटे भंवराराम किसान हैं, जबकि छोटे बेटे लूंभाराम थर्ड ग्रेड टीचर (लेवल-2) हैं। पनी देवी अपने छोटे बेटे लूंभाराम के साथ रहती थीं।