
भोपाल। राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में सुरक्षा व्यवस्था खुद ही वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। शनिवार सुबह इमरजेंसी विभाग के पास हुए गोलीकांड ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। अशोका गार्डन में गोली लगने से घायल युवक का पीछा करते हुए बदमाशों के अस्पताल तक पहुंचने और वहां फायरिंग करने की घटना ने साफ कर दिया कि यहां सुरक्षा इंतजाम कितने कमजोर हैं।
अस्पताल परिसर में पिछले एक साल के दौरान आधा दर्जन से ज्यादा गंभीर अपराध की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के साथ मारपीट, मरीजों के स्वजनों का हंगामा, चाकूबाजी और आपसी झगड़ों की वारदातें शामिल हैं। कई बार इलाज के दौरान विवाद इतना बढ़ जाता है कि स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ता है
बेहद संवेदनशील जगह होने के बावजूद अस्पताल परिसर में मौजूद पुलिस चौकी खुद संसाधनों की कमी से जूझ रही है। यहां महज चार पुलिसकर्मियों का बल तैनात है, जो अस्पताल में कानून व्यवस्था बनाए रखने की बजाए मृत मरीजों का पोस्टमार्टम करवाने तक ही सीमित रह जाते हैं। नतीजन परिसर में खुलेआम आपराधिक घटनाएं होती हैं और फिर पुलिस उनका पीछा करती है।
दो दिसंबर 2025 की रात अशोकागार्डन थाना क्षेत्र की अशोक विहार कालोनी में यादव समाज के जिलाध्यक्ष अर्जुन यादव के घर में घुसकर दर्जनभर बदमाशों ने उनके बेटों पर चाकू-तलवार से हमला किया था। घायल को अस्पताल में भर्ती किया तो हमलावर वहां भी पहुंचे और भर्ती युवक पर लात-मुक्के बरसाए। साथ ही स्टाफ से भी मारपीट की थी।
आठ-नौ मार्च 2025 की दरमियानी रात आईसीयू-3 में भर्ती मरीज डाली बाई की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इससे गुस्साए स्वजन और वहां मौजूद भीड़ ने आन ड्यूटी डाक्टरों पर हमला कर दिया। साथ ही हथियारों से लैस बदमाशों ने भी डाक्टरों पर हमला किया।
जनवरी 2025 में हमीदिया अस्पताल की चौकी के पास ही बाहरी बदमाशों ने जीएमसी छात्रों पर हमला किया था। छात्रों का बाहर बदमाशों से विवाद हुआ था, जिसके बाद वे बदला लेने हथियार लेकर पहुंचे और चौकी के पास ही हमला किया, जिसमें छात्र अंशुल तिवारी समेत दो लोग घायल हुए थे।
अशोकागार्डन में हिस्ट्रीशीटर लल्लू रईस के बेटे इमरान पर गोली मारने और फिर हमीदिया में गोली चलाने की गैंगवार के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित शाहवर मौलाना और गुड्डू स्टेशन को रायसेन से दबोच लिया। दोनों को पूछताछ के लिए भोपाल लाया गया है। वहीं मुख्य आरोपित शादाब गेट समेत अन्य बदमाशों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपित वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी के साथ आए थे।
जांच में सामने आया है कि घटना की रात करीब दो बजे शाहवर, शादाब और गुड्डू स्टेशन मुंबई से भोपाल लौटे थे। इसके बाद महज तीन घंटे के भीतर उन्होंने गैंगवार की योजना को अंजाम दे दिया। तड़के करीब 4:55 बजे आरोपितों ने हिस्ट्रीशीटर लल्लू रईस के बेटे इमरान पर तिरंगा चौक पर फायरिंग की थी।